राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत की प्रस्तुति को लेकर गृह मंत्रालय ने जारी किए नए दिशा-निर्देश

Date: 2026-07-14
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राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत की प्रस्तुति को लेकर गृह मंत्रालय ने जारी किए नए दिशा-निर्देश


नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान और उनकी प्रस्तुति में एकरूपता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत के संबंध में नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी सरकारी या सार्वजनिक समारोह में राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ और राष्ट्रगान ‘जन-गण-मन’ दोनों प्रस्तुत किए जाते हैं, तो सबसे पहले वंदे मातरम् का गायन होगा और उसके बाद जन-गण-मन प्रस्तुत किया जाएगा। मंत्रालय ने सभी राज्यों, केंद्रशासित प्रदेशों और केंद्रीय मंत्रालयों से इन नियमों का कड़ाई से पालन कराने को कहा है।


निर्देशों के अनुसार, जिन राज्यों में राज्यगीत भी गाया या बजाया जाता है, वहां उसका स्थान राष्ट्रगीत और राष्ट्रगान के बाद होगा। यानी कार्यक्रम का क्रम होगा—पहले वंदे मातरम्, फिर जन-गण-मन और अंत में राज्यगीत। सरकार का कहना है कि इससे राष्ट्रीय और राज्य स्तर के प्रतीकों की गरिमा बनाए रखने में मदद मिलेगी तथा सभी आयोजनों में एक समान व्यवस्था लागू होगी।


गृह मंत्रालय ने यह भी कहा है कि राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत के सही शब्द, शुद्ध उच्चारण और निर्धारित अवधि का पालन अनिवार्य रूप से किया जाए। आयोजकों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि प्रस्तुति के दौरान किसी प्रकार की त्रुटि या अनावश्यक बदलाव न हो। इसके लिए मंत्रालय ने आधिकारिक पाठ और दिशा-निर्देश उपलब्ध कराए हैं।


सरकार का मानना है कि इन नए नियमों से राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति सम्मान और अनुशासन की भावना मजबूत होगी। प्रशासनिक अधिकारियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले संस्थानों, शैक्षणिक परिसरों और सरकारी आयोजनों में इन दिशा-निर्देशों का पालन सुनिश्चित करें। मंत्रालय ने कहा कि इन नियमों का उद्देश्य किसी परंपरा में बदलाव करना नहीं, बल्कि पूरे देश में राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत की प्रस्तुति के लिए एक समान और स्पष्ट व्यवस्था स्थापित करना है।


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