दिल्ली दमकल मुख्यालय में बनेगा भूमिगत सीबीआरएन कमांड सेंटर
नई दिल्ली: दिल्ली को परमाणु आपात स्थिति, रासायनिक, जैविक और रेडियोलॉजिकल (CBRN) खतरों से निपटने के लिए मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस) के नए मुख्यालय में देश का पहला भूमिगत सीबीआरएन कमांड सेंटर बनाया जाएगा।
यह केंद्र परमाणु युद्ध, रेडियोलॉजिकल रिसाव, जैविक हमले और रासायनिक आपदाओं जैसी गंभीर स्थितियों में काम करेगा। मुख्य अग्निशमन अधिकारी अभिषेक मलिक ने बताया कि यह केंद्र दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था को नई मजबूती देगा। प्रस्तावित सेंटर को प्लग-एंड-प्ले तरीके से डिजाइन किया गया है, ताकि आपात स्थिति में यह लगातार सक्रिय रह सके।
नया केंद्र मौजूदा डीएफएस मुख्यालय परिसर में ही बनाया जाएगा। परियोजना के लिए निबिदा भी जारी कर दी गई है। अधिकारियों के अनुसार, केंद्र का निर्माण पांच साल के भीतर पूरा करने का लक्ष्य है।
सीबीआरएन कमांड सेंटर कर्मचारियों को परमाणु विकिरण से बचाने, आपात स्थिति में समन्वय बनाने और विभिन्न एजेंसियों के बीच तालमेल सुनिश्चित करने में मदद करेगा। यह दिल्ली को ऐसी चुनौतियों के लिए तैयार करने का पहला ऐसा प्रयास है।
मलिक ने कहा कि यह केंद्र राष्ट्रीय राजधानी में अपनी तरह का पहला होगा, जो परमाणु, रेडियोलॉजिकल, जैविक और रासायनिक आपदाओं के दौरान दमकल कर्मियों और आम जनता दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।
दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार की इस संयुक्त पहल से राजधानी की आपदा प्रबंधन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ते वैश्विक खतरे को देखते हुए इस तरह के आधुनिक केंद्र बेहद आवश्यक हो गए हैं।